Thursday, August 27, 2020

Mi Wifi 3c Router how to Update 2.8.51 Firmwire

 

Lots of people are unable to find the update for Mi Wifi 3c Router 2.8.51.

Xiaomi have removed the link from web site and also stopped selling product in India now.


But any ways here is link for the same

https://drive.google.com/file/d/14QTY4meNizqMlaJtOaGexNUaZpRE7v4x/view?usp=sharing



Thanks and subscribe me on Youtube

https://www.youtube.com/channel/UCJTCc40c1u8CgSXFrJTMmdQ?view_as=subscriber

Friday, October 25, 2019

Monday, April 29, 2019

Efficient and Cost-effective Roof Cleaning and Temperature Control with Lime Application and Electricity Savings :- My experience and experiment

1) छत पर अछी तरह झाडू लगाए.. मिट्टी पूरी तरह से साफ कर दे..(समय shaam 4 से 7 बजे)

2)अगर छत पर काले रंग की kaai उगी है तो उसे लोहे के ब्रश से रगड़ कर निकाले, क्यूँकि चुना और fevicol मिट्टी पर पकड़ नहीं बना सकते, छत एक दम साफ और चिकनी होने पर ही चुना टिक पाता है..(समय shaam 4 से 7 बजे)

3)अब छत को खुले पानी से धोए और सारी बची हुई मिट्टी को धो डालिए , वाईपर से और तिल्ली वाला झाडू प्रयोग करे..समय सुबह 5 से 6 बजे)

4) छत कुछ पानी को सोख लेगी और अतिरिक्त पानी को हटा कर 1 घंटा सूखने दे.

5) धूप खिलने से पहले ठंडे  चुने की 10 किलो और narlock (favicol) के 1 किलो के हिसाब से  पानी में मिला ले.. अछी तरह घोलने के बाद छत पर पहली परत लगाइए.. चुने को वाईपर या पेंट ब्रश से लगाया जा सकता है..

6)पहली परत को 2 घंटे तक सूखने दें.. फिर दोबारा दूसरी परत लगाए. उसे 14 घंटे तक सूखने दे.. दूसरी परत की मोटाई ज्यादा रखिए..

7)यदि आवश्‍यक हो तो तीसरी परत लगाई जा

सकती है..

चुने को लगाते समय आँख और त्वचा को ढक कर रखे..

अच्छे नतीज़े के लिए, घर की बाहरी दीवारो को सफेद रखे,

Results :- नालागर में बाहर का तापमान 38 डिग्री होने पर छत बिल्कुल गरम नहीं थी और घर का तापमान लगभग 26 डिग्री पर था, वातानुकूलित यंत्रों की आवश्यकता नहीं थी और बिना छत के पंखों से भी घर काफी आराम दायक था..

पहले यदि बाहर 38 डिग्री तापमान होता था तो घर का तापमान 40 डिग्री तक पहुंच जाता था .

लागत :- चुना 100 rupees 10 किलो मिलता है  कुल 180 किलो चुना लगा (1800 रुपए). कुल 18 किलो narlock adhesive लगा.. कुल 3960 रुपए. 600 रुपए दिहाड़ी मज़दूर
Total :- 6360 रुपए लागत..

हर दिन 50 यूनिट बिजली की बचत हुई यानी 1500 यूनिट मासिक.. यानी 7500 रुपए महीना की बचत .

अगर हर घर को इस तरह रंग दिया जाए तो हम सालाना 1 लाख करोड़ की बिजली की बचत कर सकते हैं..

मुझसे आप sandeepbharmoria@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं..

Wednesday, June 20, 2018

मैं कठिन हू,

मुझे समझना उतना ही कठिन है.. जितना भूखे का रोटी को निगलना , मुझे भुलाना , उतना ही कठिन है.. जितना खुद को भुलाना .. मुझमे कोई बात हो या ना हो, मेरी किसी बात को भूला पाना कठिन है.. बहुत कठिन है..
इसलिए मुझे समझो मत.. मेरे हो कर मुझ में अवशोषित हो जाओ.. बहुत सरल है, बहुत सरल है.. मुझे मन से समझो, या मन में समझो.. सरल है बहुत सरल है.. ना समझो तो कठिन है बहुत कठिन है..

Tuesday, April 3, 2018

It was me!!

Alone I sat, lost in thought profound,
Much I'd gained, or so I found,
Yet a hollow shadow did appear,
A reflection of myself, once near.

Shocked and awed, my heart did race,
No longer could I find my place,
A shadow, a whisper, a lingering dread,
I sought to peer inside my head.

Within my depths, a world revealed,
Its secrets, pain, and beauty concealed,
A window to my soul did gleam,
A paradox both sad and serene.

I was, I wasn't - a duality,
A union of worlds, in synchrony,
The essence of me, the universe aligns,
In every moment, as space and time entwines.

Saturday, March 24, 2018

में अब भी मुस्कुराती हु..

में अब भी मुस्कुराती हु,
सोच के कुछ ना कुछ हंस ही जाती हु,
मुस्कुराना कोई मजबूरी नहीं है,
प्यार जताना भी जरूरी नहीं है,
दूसरो से तो जीत लेती हु,
अक्सर अपनो से हार जाती हूँ ,

कुछ चीजें मुझे आज भी गुदगुदाती है,
शरारतें तो आज भी उतनी ही आती हैं,
अब भी माँ की डांट, पापा की छाँव में हो आती हूँ.
बस रुक सी गयी हूँ, समझदारी के जंजाल में,
मग़र कभी कभी बचपना भी दिखलाती हूँ,

बचपन के कोई डर अब, सताते नहीं है,
मगर अब जिंदगी के सच, कम डराते नहीं है..

किसी का में प्यार हू, किसी के लिए माँ भी हू,
बहू और बेटी की अदाकारी, खूब निभाती हु,
पर अक्सर अपनो से हार जाती हूँ

रोना मुझे कमजोरी सा क्यू लगता है,
दिल किसी से बांटने में डर सा लगता है,

पर होंसला कम होता नहीं, गिरती हू रोज़,
पर खड़ने से अब डर, लगता नहीं है,

में अब भी मुस्कुराती हु, बस कभी कभी अपनो से हार जाती हूँ..

Secret of Universe

  Secret our universe... 10 Directions, 26 dimensions 18 Directions, No Dimension can exist 36 Dimensions, no direction can exist.. I dont h...