Monday, April 29, 2019

Efficient and Cost-effective Roof Cleaning and Temperature Control with Lime Application and Electricity Savings :- My experience and experiment

1) छत पर अछी तरह झाडू लगाए.. मिट्टी पूरी तरह से साफ कर दे..(समय shaam 4 से 7 बजे)

2)अगर छत पर काले रंग की kaai उगी है तो उसे लोहे के ब्रश से रगड़ कर निकाले, क्यूँकि चुना और fevicol मिट्टी पर पकड़ नहीं बना सकते, छत एक दम साफ और चिकनी होने पर ही चुना टिक पाता है..(समय shaam 4 से 7 बजे)

3)अब छत को खुले पानी से धोए और सारी बची हुई मिट्टी को धो डालिए , वाईपर से और तिल्ली वाला झाडू प्रयोग करे..समय सुबह 5 से 6 बजे)

4) छत कुछ पानी को सोख लेगी और अतिरिक्त पानी को हटा कर 1 घंटा सूखने दे.

5) धूप खिलने से पहले ठंडे  चुने की 10 किलो और narlock (favicol) के 1 किलो के हिसाब से  पानी में मिला ले.. अछी तरह घोलने के बाद छत पर पहली परत लगाइए.. चुने को वाईपर या पेंट ब्रश से लगाया जा सकता है..

6)पहली परत को 2 घंटे तक सूखने दें.. फिर दोबारा दूसरी परत लगाए. उसे 14 घंटे तक सूखने दे.. दूसरी परत की मोटाई ज्यादा रखिए..

7)यदि आवश्‍यक हो तो तीसरी परत लगाई जा

सकती है..

चुने को लगाते समय आँख और त्वचा को ढक कर रखे..

अच्छे नतीज़े के लिए, घर की बाहरी दीवारो को सफेद रखे,

Results :- नालागर में बाहर का तापमान 38 डिग्री होने पर छत बिल्कुल गरम नहीं थी और घर का तापमान लगभग 26 डिग्री पर था, वातानुकूलित यंत्रों की आवश्यकता नहीं थी और बिना छत के पंखों से भी घर काफी आराम दायक था..

पहले यदि बाहर 38 डिग्री तापमान होता था तो घर का तापमान 40 डिग्री तक पहुंच जाता था .

लागत :- चुना 100 rupees 10 किलो मिलता है  कुल 180 किलो चुना लगा (1800 रुपए). कुल 18 किलो narlock adhesive लगा.. कुल 3960 रुपए. 600 रुपए दिहाड़ी मज़दूर
Total :- 6360 रुपए लागत..

हर दिन 50 यूनिट बिजली की बचत हुई यानी 1500 यूनिट मासिक.. यानी 7500 रुपए महीना की बचत .

अगर हर घर को इस तरह रंग दिया जाए तो हम सालाना 1 लाख करोड़ की बिजली की बचत कर सकते हैं..

मुझसे आप sandeepbharmoria@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं..


##############ENGLISH VERSION OF SAME###################

Sweep the roof thoroughly and clean all the dirt (between 4 PM and 7 PM).

If black mold has grown on the roof, remove it by scrubbing with a steel brush. Lime and Fevicol cannot stick to the soil, so the roof must be completely clean and smooth for the lime to adhere properly (between 4 PM and 7 PM).

Wash the roof with clean water and rinse off all the remaining dirt using a Viper and a broom with a handle (between 5 AM and 6 AM).

The roof will absorb some water and let it dry for an hour before removing any excess.

Before the sun comes out, mix 10 kilos of alum and 1 kilo of Narlok (Fevicol) in water. After the mixture is well dissolved, apply the first layer of lime to the roof using a Viper or paintbrush.

Let the first layer dry for 2 hours, then apply a second coat. Let it dry for 14 hours. Make the second layer thicker.

If necessary, apply a third layer.

During the application of lime, make sure to protect your eyes and skin.

For good results, keep the outer walls of your house white.

Results: When the outside temperature was 38 degrees Celsius in Nalagarh, the roof was not hot, and the temperature inside the house was about 26 degrees Celsius. The use of air conditioning was not necessary, and the house was comfortable without fans.

Previously, when the outside temperature was 38 degrees Celsius, the temperature inside the house reached up to 40 degrees Celsius.

Cost: 180 kilos of lime cost Rs. 1,800, and 18 kilos of Narlok adhesive cost Rs. 3,960. Labor costs were Rs. 600.

Total cost: Rs. 6,360.

Electricity savings: 50 units of electricity are saved every day, which is equivalent to 1,500 units per month or Rs. 7,500 in savings.

If every house is painted in this way, we can save 1 lakh crore rupees worth of electricity per year.

For more information, contact sandeepbharmoria@gmail.com.

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